दलालों का है बोलबाला नहीं है कोई रोकने वाला
किसानों के प्रति दुर्व्यवहार करते हैं एग्रीमेंट स्वीट के बाबू
रिपोर्टर रामजी साहू
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभी हाल ही में अपना एक बड़ा बयान जारी करते हुए कहा था कि उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान देश है यहां किसानों को होने वाली समस्या का जल्द से जल्द निस्तारण करें किसानों को निरंतर बिजली मिलनी चाहिए किसानों के प्रति व्यवहार कर्मचारी अच्छा रखें पर उनका यह बड़ा बयान भले ही अन्य जनपदों में लागू हो रहा हो और जनपद के ईमानदार जिला अधिकारी की ईमानदारी की प्रशंसा पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और उनकी ईमानदारी वाकई में जिले में दिखाई भी पढ़ रही है पर जिला अधिकारी की नजर विद्युत विभाग के कर्मचारियों के ऊपर क्यों नहीं पड़ रही है ।
जहां जनपद फतेहपुर में विद्युत विभाग में अधिशासी अभियंता प्रथम के यहां एग्रीमेंट सीट पर तैनात ऋषभ दुबे नाम के बाबू पहली बार देखने को मिला की एक बाबू दो जगह ड्यूटी कर रहा है यह ऋषभ दुबे सुबह 10:00 बजे से 2:00 बजे तक अधिशासी अभियंता द्वितीय यहां ड्यूटी करते हैं उसके बाद 2:00 बजे से 5:00 बजे तक अधिशासी अभियंता प्रथम के यहां अपनी ड्यूटी करते हुए नजर आते हैं अब बात रही किसान की तो किसान जब ट्यूबवेल के कनेक्शन के लिए आता है तो पहले वह बिजली विभाग के जेई फिर बिजली विभाग एसडीओ उसके बाद अधिशासी अभियंता से रिपोर्ट लगवाता है ऐसा ही एक मामला रामखेलावन पुत्र राम कृष्ण खाडेपुर मजरे कोडाई ब्लाक तेलियानी के किसान ने अधिशासी अभियंता प्रथम से लायन ऑर्डर की फाइल पास करा लिया उसके बाद वह एग्रीमेंट सीट पर बैठे रिशब बाबू के पास जा पहुंचा तो उन्होंने कहा कि इसमें एक साइड रिपोर्ट जेई और एसडीओ साहब से साइड रिपोर्ट लगवा कर ले आएं ।
अब किसान कनेक्शन कराने के लिए इधर उधर भटक रहा है हालांकि यह कार्य बिजली विभाग के कर्मचारियों का है यह उनकी जिम्मेदारी बनती है कि उस फाइल पर साइड रिपोर्ट लगवाएं सूत्रों का कहना है कि यह कार्य सिर्फ 10 मिनट का है बिजली विभाग के कर्मचारी ऋषभ बाबू चाहे तो बिजली विभाग के जेई से पूछ कर रिपोर्ट लगा सकते हैं ऑनलाइन ऑर्डर बना सकते हैं पर किसान के द्वारा उनको किसी प्रकार का लाभ नहीं मिल रहा है ना किसी प्रकार की कोई रिश्वत मिल रही है तो वह इस कार्य को क्यों करें वहीं ऋषभ बाबू के कमरे में सुबह से शाम तक दलालों का आवागमन जारी रहता है और दलालों की फाइलें होती रहती है अब आप खुद ही देख सकते हैं की बाबू के सामने वाली कुर्सी पर बैठा व्यक्ति आपको प्रतिदिन अधिशासी अभियंता प्रथम के कार्यालय में दिखाई देगा अगर देखा जाए तो ना तो वह कोई संविदा कर्मचारी है और ना ही कोई अधिकारी पर वह बिजली विभाग का सरकारी रजिस्टर इस तरीके देख रहा है जैसे वह स्वयं एक अधिकारियों हो वहीं एग्रीमेंट सीट पर बैठे ऋषभ बाबू का किसानों के प्रति अच्छा बर्ताव नहीं किया जाता है ।
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