कोरोना वैरियर्स| जिन्होंने कोरोना के दौरान मौत से मिलाया हाँथ सरकार के पास उनके लिए बजट नहीं

कोरोना| कोविड ने जहां पूरे देश मे ताहिमाम मचा रखा था वही कोरोना योद्धा आम आदमी के उस तबाही के मंजर में भगवान का प्रतिरूप बनकर आए और उन्होंने मरीजों की हर सम्भव मदद की है। लेकिन अब उन कोरोना योद्धा के लिए सरकार के पास बजट की कमी हो गई है। कोरोना काल मे टेस्टिंग और सैम्पलिंग का काम करने से लेकर चिकित्सा की अस्थाई सेवाओ को देखने वाके कोरोना वैरियर्स के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने बजट न होने का हवाला देते हुए कोरोना काल में सेवाएं देने वाले डॉक्टरों सहित सभी अस्थायी कर्मचारियों को हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं।

जानकारी के लिए बता दें सरकार ने यह आदेश उन राज्यों में दिया है जहां स्वास्थ्य विभाग में आधे से ज्यादा डॉक्टरों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। बताते चले बीती 31 मार्च को पूरे मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में रखे गए अस्थायी डॉक्टर और पैरामेडिकल स्‍टॉफ घर पर बैठ गए।
वही इस संदर्भ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने एक आदेश जारी कर स्पष्ट कहा है कि उन योद्धा के मानेदय के लिए अब बजट नहीं है, ऐसे में इनकी सेवाएं समाप्त होती हैं। बता दें इन योद्धाओं ने उस वक़्त देश का साथ दिया था जब हर किसी ने अपने हाँथ खड़े कर लिए थे। कोविड मरीजों के बढ़ते आकड़े ने हर किसी को व्यथित कर रखा था कोई भी मरीजों से पट पड़े अस्पतालों ने घुसने का नाम नहीं ले रहा था और न कोई लाशों को हांथ लगा रहा था। लेकिन इन्होंने मरीजों के स्वास्थ्य के लिए हर सम्भव प्रयास किया वही आज जब देश कोविड के ताहिमाम से उभर आया है तो सरकार ने बजट का हवाला देते हुए इन कोरोना वैरियर्स को बेरोजगार कर दिया है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *