नई दिल्ली। कर्नाटक प्रीमियर लीग (केपीएल) स्पॉट फिक्सिंग स्कैंडल मामले में दो खिलाड़ियों बेल्लारी टीम के कप्तान सीएम गौतम और बहरार काजी को गिरफ्तार किया गया है। कर्नाटक प्रीमियर लीग में स्पॉट फिक्सिंग को लेकर आए दिन चैंका देने वाले खुलासे हो रहे हैं।
अब तक मैच फिक्सिंग पर एक के बाद एक गिरफ्तारी हुई हैं। एक टीम के मालिक, कोच और बल्लेबाज को इसके बेंगलुरु क्राइम ब्रांच में गिरफ्तार किया था।
इस लीग में स्पॉट फिक्सिंग में एक और बड़ा नाम सामने आ रहा है। ये क्रिकेटर आईपीएल में विराट कोहली की रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और रोहित शर्मा की अगुआई वाली मुंबई इंडियंस टीम का भी हिस्सा रह चुके हैं।

संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) एस पाटिल ने बताया था कि निशांत सिंह शेखावत सट्टेबाजों के संपर्क में थे और खिलाड़ियों को फिक्स करने के लिए बेंगलुरु ब्लास्टर्स टीम के गेंदबाजी कोच विनू प्रसाद से संपर्क किया था। बता दें कि विनू प्रसाद पहले ही फिक्सिंग मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं।
उन पर केपीएल के इस सीजन के खिताबी मुकाबले में धीमी बल्लेबाजी के लिए 20 लाख रुपये लेने का आरोप लगा है। केपीएल 2019 के फाइनल के दौरान हुबली और बेल्लारी टीम के बीच स्पॉट फिक्सिंग हुई थी।
दूसरी ओर, पिछले महीने कर्नाटक प्रीमियर लीग की टीम बेलगावी पैंथर्स के मालिक अशफाक अली थारा को सट्टेबाजी में शामिल होने के आरोप में बेंगलुरु में गिरफ्तार किया गया। कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) द्वारा संचालित केपीएल टूर्नामेंट इस साल 16 से 31 अगस्त तक खेला गया था।
यात्रा और पर्यटन व्यवसायी अशफाक अली थारा ने 2017 में बेलगावी पैंथर्स टीम खरीदी थी. केंद्रीय अपराध शाखा ने कई दिनों की पूछताछ के बाद अशफाक को गिरफ्तार किया। अशफाक के अलावा केपीएल से जुड़ी अन्य टीमों के खिलाड़ियों से भी पूछताछ की गई।
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