मैन राइडिंग व्हीकल से कोयला उत्पादन और वर्किंग ओवर में एक बड़ा बदलाव होगा कहा CCL एरिया के जी एम संजय कुमार ने

बोकारो से शेखर की रिपोर्ट।

आज के जमाने में सबसे महत्वपूर्ण चीज है समय समय की बचत होगी तो काम भी ज्यादा होगा और प्रोडक्शन भी होगा आपको बताते जाए कि झारखंड का पहला खदान रामगढ़ CCL की सबसे बड़ी और पायलट प्रोजेक्ट नॉर्थ करणपुरा एरिया की भूमिगत कोयला खदान सूरी ने नैन राइडिंग विकल का इस्तेमाल होगा नेम राइटिंग व्हीकल का इस्तेमाल से समय की बचत भी होगी और वर्किंग आवर भी बढ़ जाएगा इसे देखते हुए  ऑस्ट्रेलिया से दो व्हीकल
 चूरी
 पहुंच गया है दोनों विकल की कीमत करीब करीब 15 से ₹20करोड़ बताया जा रहा है। कोल इंडिया द्वारा खरीदे गए मेन राइडिंग व्हीकल कोलकाता पोर्ट के रास्ते जब चोरी पहुंचा तो इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई झारखंड का पहला और देश का दूसरा ऐसा खदान है जहां मेन राइडिंग विकल का इस्तेमाल होगा कोल इंडिया के ईसीएल के झाझरा खदान में 3 दिन राइडिंग व्हीकल का कमाल किया जा रहा है प्रत्येक विकल का वजन 6 टन है व्हीकल में ऑपरेटर सहित एक बार में कुल 14 लोग बैठ कर खदान में भीतर जहां आना-जाना कर सकते हैं

आपको बता दें कि व्हीकल आ जाने से समय की बचत होगी और काम भी ज्यादा होगा वही डीजीएम की का अनुमति मिलते ही व्हीकल
 का इस्तेमाल  चूरी खदान में भी शुरू हो जाएगा। लोगों में कहना है कि क्या होगा फायदा है  व्हीकल आने से इस्तेमाल में कामगारों को खदान के अंदर आने जाने में काफी सहूलियत होगी खदान पूरी तरह अब डाउन है और कार्यस्थल पर आने जाने में उन्हें 1 से 16 घंटा लग जाता है व्हीकल  के इस्तेमाल से समय की भी बचत होगी वर्किंग और बढ़ेगा थकावट दूर रहने के साथ-साथ उत्पादन बढ़ जाएगा वही एरिया के डीएम संजय कुमार ने कहा कि भूमिगत खदान के लिए  चूरी
एक आदर्श उदाहरण के तौर सामने आ रहा है नींद राइडिंग व्हीकल से कोयला उत्पादन और वर्किंग ओवर में एक बड़ा बदलाव होगा उन्होंने बताया कि इसके बाद यहां मल्टी यूटिलिटी
व्हीकल   का इस्तेमाल भी शुरू किया जाएगा खदान के अंदर सामान लाने जाने में उपयोग में लाया जाएगा किसी मशीन से खदान के अंदर सभी प्रकार के गेम हवा आंधी की सूचना तत्काल कंप्यूटर पर आ  जाया करे गा।

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