संभल की हिंसा: 1947 से 209 हिंदुओं की निर्मम हत्या का सच?

संभल की हिंसा: 1947 से 209 हिंदुओं की निर्मम हत्या का सच?

क्या आप जानते हैं? उत्तर प्रदेश के संभल में 1947 से अब तक 209 हिंदुओं की निर्मम हत्या की गई है! मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में इस सनसनीखेज खुलासे से सबको हैरान कर दिया। यह कोई आम घटना नहीं, बल्कि एक ऐसी त्रासदी है जिसने पीढ़ियों को तबाह कर दिया। क्या यह हिंसा का सिलसिला अब भी जारी है? आइए जानते हैं संभल में हुए दंगों की पूरी कहानी और क्या योगी सरकार इस हिंसा के पीछे के सच को उजागर करने में सफल होगी?

1947 से लेकर अब तक का हिंसा का इतिहास

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में संभल में हुए दंगों का विस्तृत इतिहास पेश किया। उन्होंने बताया कि कैसे 1947 से लेकर अब तक, विभिन्न वर्षों में 209 हिंदुओं की निर्मम हत्या हुई। 1948 में 6, 1958 में, 1962 में, 1976 में 5, और 1978 में तो 184 हिंदुओं को सामूहिक रूप से जला दिया गया था। यह एक ऐसा सच है जिस पर आज भी कई लोग चुप्पी साधते हैं। लेकिन क्या यह चुप्पी हमेशा के लिए जारी रहेगी?

1980 से लेकर 1996 तक, विभिन्न वर्षों में संभल में हिंसा जारी रही, जिसमें कई निर्दोष हिंदुओं ने अपनी जान गंवाई। योगी जी ने कहा, “ये लोग सौहार्द की बात करते हैं” यह सवाल हैरान कर देने वाला है: यदि ये लोग सौहार्द की बात करते हैं, तो क्या उन्हें न्याय नहीं मिलना चाहिए?

1978 के दंगों की भयावहता: एक वैश्य की निर्मम हत्या

सीएम योगी ने 1978 के दंगों की एक दिल दहला देने वाली घटना का भी जिक्र किया। एक वैश्य, जिसने अपने आस-पास के हिंदुओं को पैसा उधार दिया था, उसे भीड़ ने घेर लिया और उसके हाथ-पैर काटकर निर्मम तरीके से मार डाला गया। इस घटना से यह साफ होता है कि कैसे संभल में हिंसा ने एक ऐसे वातावरण का निर्माण किया जहाँ किसी को भी सुरक्षित नहीं माना जा सकता था। क्या इस भयावह घटना पर पर्याप्त कार्रवाई की जाएगी?

संभल हिंसा में शामिल किसी को नहीं बख्शा जाएगा: सीएम योगी का ऐलान

सीएम योगी ने संभल में 48 साल बाद खोदकर निकाले गए एक मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि हिंदुओं को अपने ही धार्मिक स्थलों तक जाने से वंचित रखा गया। इस अवधि में 22 कुएँ बंद किए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संभल में पत्थरबाजी में शामिल हर एक व्यक्ति को सजा मिलेगी। यह दृढ़ संकल्प कितना कारगर साबित होगा? क्या इससे वास्तव में संभल में शांति कायम होगी? हम जानने के लिए उत्सुक हैं।

कुंदरकी की बीजेपी की जीत और संभल हिंसा का आपसी संबंध?

सीएम योगी ने विधानसभा में कुंदरकी में बीजेपी की जीत पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी और इस जीत को ‘वोट की लूट’ बताने वालों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि हिंदुओं की उत्पीड़न की घटनाओं के बीच हुए इस चुनाव परिणाम से साफ पता चलता है कि लोगों का भरोसा योगी आदित्यनाथ और बीजेपी में कितना दृढ़ है। इस जीत को कई लोग बहुसंख्यक समुदाय की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा और इस हिंसा का मुकाबला करने की उम्मीद से जोड़कर देख रहे हैं।

बहराइच हिंसा पर सीएम योगी का रुख

बहराइच में शोभा यात्रा के दौरान हुई हिंसा पर, सीएम योगी ने कहा कि निर्दोष रामगोपाल मिश्रा की हत्या एक योजनाबद्ध षड्यंत्र के तहत हुई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि मुस्लिम पर्वों के जुलूस हिंदू इलाकों से निकल सकते हैं, तो हिंदू पर्वों के जुलूस मुस्लिम इलाकों से क्यों नहीं निकल सकते?

टेक अवे पॉइंट्स:

  • संभल में 1947 से अब तक 209 हिंदुओं की निर्मम हत्या की घटना ने एक ऐसे सवाल को उठाया है जिस पर देश के हर व्यक्ति को गंभीरता से सोचने की जरुरत है।
  • सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस हिंसा के पीछे के सच को उजागर करने की दिशा में एक कठोर रुख अपनाया है, जिससे पीड़ितों के परिवारों और समाज को उम्मीद मिली है।
  • संभल और बहराइच जैसी घटनाओं से यह स्पष्ट है कि धार्मिक सौहार्द बनाए रखना, सांप्रदायिक एकता को बढ़ावा देना, और ऐसे लोगों को सज़ा देना आवश्यक है जो सामाजिक सामंजस्य बिगाड़ते हैं।

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