निषाद युसूफ का दुखद निधन: फिल्म इंडस्ट्री को लगा गहरा झटका
यह खबर सुनकर पूरी फिल्म इंडस्ट्री स्तब्ध है! मशहूर फिल्म एडिटर निषाद युसूफ, जिनके हुनर ने कई फिल्मों को नई ऊँचाईयाँ दीं, अब हमारे बीच नहीं रहे। 43 साल की उम्र में उनके अचानक निधन से एक ऐसा खालीपन छोड़ गया है जिसे भर पाना मुश्किल है। यह नुकसान सिर्फ़ उनकी फैमिली के लिए ही नहीं बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी बहुत बड़ा है, खासकर ‘कंगुवा’ जैसी महत्वाकांक्षी फिल्म की टीम के लिए तो ज़रूर। आइये जानते हैं उनके बारे में सब कुछ जो हम सभी जानना चाहते हैं।
एक प्रतिभावान कलाकार का सफ़र
निषाद ने अपने करियर की शुरुआत मलयालम फिल्म इंडस्ट्री से की थी और धीरे-धीरे अपने हुनर से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होंने कई बेहतरीन फिल्मों में अपनी अद्भुत एडिटिंग स्किल दिखाई, जिनमें नेशनल अवार्ड विनिंग फिल्म ‘सऊदी वेल्लका’ और ‘चावर’, ‘थल्लुमला’ और ‘ऑपरेशन जावा’ जैसी फिल्में भी शामिल हैं। उनके काम की ख़ासियत थी उनकी अद्वितीय समझ और कहानी सुनाने का एक नया तरीका जो फिल्मों को नई ऊंचाई पर ले जाते थे।
‘कंगुवा’ से जुड़ी थी आखिरी यात्रा
निषाद का नाम ‘कंगुवा’ फिल्म के साथ हमेशा जुड़ा रहेगा, उनकी यह आखिरी फिल्म थी जिसका एडिटिंग काम वे कर रहे थे। साउथ सुपरस्टार सूर्या और बॉलीवुड स्टार बॉबी देओल की यह पैन-इंडिया फिल्म बहुत चर्चा में थी और इसके एडिटिंग काम में निषाद का योगदान बहुत अहम था। उन्होंने ‘कंगुवा’ के कलाकारों के साथ आखिरी तस्वीरें भी शेयर की थीं, जिससे पता चलता है कि वे इस फिल्म से कितने जुड़े हुए थे। उनके अचानक जाने से इस फिल्म की टीम पर भी बहुत दुःख की लहर छा गयी है।
फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
निषाद के निधन की खबर से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक छा गया है। फिल्म एम्प्लॉईज फेडरेशन ऑफ केरला (FEFKA) की डायरेक्टर्स यूनियन ने इस खबर की पुष्टि करते हुए अपने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी है। निषाद के दोस्तों और साथी कलाकारों ने भी सोशल मीडिया पर अपनी शोक संवेदनाएँ व्यक्त की हैं। एक प्रतिभावान एडिटर का इस तरह चले जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए अपूरणीय क्षति है।
एक विदाई जो हैरान करती है
30 अक्टूबर की सुबह, कोच्ची के पनमपल्ली नगर में उनके घर पर, सुबह करीब 2 बजे उनका निधन हो गया। पुलिस अभी भी मामले की जांच कर रही है। उनकी मौत की वजह अभी तक साफ़ नहीं हुई है, और उनका असामयिक निधन पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए सदमे जैसा है। कितने लोगों को काम करने का मौका देते निषाद आगे भी फिल्मों में एडिटिंग के जरिये चमत्कार करते। निषाद की विरासत को हमेशा याद रखा जाएगा।
यादें जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता
निषाद युसूफ का व्यक्तित्व ऐसा था जो अपने आसपास के लोगों में सकारात्मकता भर देता था। वह अपने काम के प्रति समर्पित थे और हमेशा ही एक महान एडिटर के रूप में याद किये जायेंगे। उनके सहकर्मियों ने उनकी तारीफ़ में कहा है कि निषाद एक मेहनती, बेहद मिलनसार व्यक्ति थे, हमेशा तैयार रहते थे कि सभी की हर संभव मदद की जाय। हमें उम्मीद है कि उनके परिवार और दोस्तों को यह दुख भरा समय सहने की ताकत मिले।
Take Away Points:
- मशहूर फिल्म एडिटर निषाद युसूफ का 43 साल की उम्र में निधन।
- उन्होंने कई मलयालम और पैन इंडिया फिल्मों में काम किया।
- ‘कंगुवा’ फिल्म उनके करियर की आखिरी फिल्म थी।
- पूरी फिल्म इंडस्ट्री ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

Leave a Reply