नई दिल्ली. तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित एक महिला पत्रकार के गाल थपथपाने के कारण विवादों में घिर गए हैं. उनकी ये राजभवन में महिला के गाल थपथपाते हुए उनकी तस्वीर वायरल हो गई है. यह घटना उस समय हुई, जब 78 वर्षीय राज्यपाल राजभवन में भीड़ भाड़ वाले प्रेस कांफ्रेंस हॉल से जा रहे थे.
महिला पत्रकार लक्ष्मी सुब्रमण्यम TheWeek में काम करती है. घटना के बाद उन्होंने ट्वीट किया, मैंने तमिलनाडु के गवर्नर बनवारीलाल पुरोहित से प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में एक सवाल पूछा. उन्होंने बिना मेरी इजाजत के मेरे गाल पर थपथपाया. विपक्षी द्रमुक ने घटना को संवैधानिक पद पर बैठे एक व्यक्ति का अशोभनीय काम करार दिया.
द्रमुक की राज्यसभा सदस्य कनिमोई ने ट्वीट किया,अगर संदेह नहीं भी किया जाए, तब भी सार्वजनिक पद पर बैठे एक व्यक्ति को इसकी मर्यादा समझनी चाहिए और एक महिला पत्रकार के निजी अंग को छूकर गरिमा का परिचय नहीं दिया या किसी भी इंसान द्वारा दिखाया जाने वाला सम्मान नहीं दर्शाया. द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एम के स्टालिन ने अपने टि्वटर हैंडल से कहा, यह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की ग़लत हरकत है.
बता दें कि गवर्नर ने देवांग आर्ट्स कॉलेज की प्रोफेसर निर्मला देवी के मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी. इस महिला लेक्चरर पर आरोप है कि उन्होंने अपनी छात्राओं को ज्यादा नंबर और पैसों के लिए अधिकारियों के साथ एडजस्ट’ करने की सलाह दी थी. पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है.
देवांग आर्ट्स कॉलेज की लेक्चरर निर्मला देवी ने दावा किया था कि वह राज्यपाल की करीबी है. राज्यपाल पुरोहित इस यूनिवर्सिटी के चांसलर भी हैं. हालांकि राज्यपाल ने उस महिला के साथ किसी जान पहचान की बात ही पूरी तरह खारिज कर दी. उन्होंने कहा कि उन्होंने आजतक आरोपी लेक्चरर का चेहरा भी नहीं देखा.
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