दमदार साझेदारी की सुंदर और शार्दुल ने सातवें विकेट के लिए, सातवें आसमान पर टीम के हौसले

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नई गिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ब्रिसबेन के गाबा में चार मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया की पकड़ मजबूत लग रही थी, लेकिन भारत के ऑलराउंडरों ने भारतीय टीम को मैच में बना दिया। इससे उम्मीद जा रही है कि भारतीय टीम बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को ऑस्ट्रेलिया से छीनकर ला सकती है। हालांकि, अभी दो दिन और एक सत्र का खेल बाकी है।

दरअसल, गाबा टेस्ट मैच के तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया की टीम लगातार विकेट निकालती जा रही थी। भारतीय बल्लेबाज अच्छी शुरुआत हासिल करने के बावजूद आउट होते जा रहे थे, लेकिन टीम को उन बल्लेबाजों से मदद मिली, जिनसे कम उम्मीद की जाती है। जी हां, भारत के लिए सातवें विकेट के लिए वॉशिंग्टन सुंदर और शार्दुल ठाकुर के बीच खबर लिखे जाने तक 60 रन से ज्यादा की साझेदारी हुई और भारत को फिर से मैच में ला दिया।

एक समय ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम 250 रन का आंकड़ा मुश्किल से पार कर पाएगी, लेकिन सुंदर और शार्दुल ने दमदार पारी खेलकर मैच में जान डाल दी। बहुत कम मौकों पर देखा जाता है कि भारत के लिए सातवें या फिर इससे निचले क्रम के बल्लेबाजों के बीच साझेदारी देखने को मिलती है। ये भारतीय टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट में एक कमजोरी की तरह है। हालांकि, दो या तीन दशक पहले फिर भी कपिल देव और प्रभाकर पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ अच्छी साझेदारी करते थे।

सातवें विकेट के लिए तीसरे दिन के टी ब्रेक तक हुई 60 से ज्यादा रन की साझेदारी से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ऑस्ट्रेलिया के लिए अब इस सीरीज में कुछ बचा नहीं है, क्योंकि अगर ये सीरीज 1-1 से बराबर रहती है, जो कि अभी है, तो ये सीरीज भारत के नाम हो जाएगी, क्योंकि जब भी कोई टीम विदेश जाती है और पिछली सीरीज को जीती हुई होती है और सीरीज को बराबर कर लेती है तो फिर ट्रॉफी उसी टीम को दी जाती है। यही कारण है कि भारत के हौसले इस मैच में सातवें आसमान पर हैं। इसके पीछे का एक कारण ये भी है कि ब्रिसबेन में अगले दो दिन में बारिश के आसार हैं। ऐसे में मुकाबला पूरा होने के भी उम्मीद कम हैं। यहां तक के एक दिन के 40 से ज्यादा ओवरों का खेल खराब हो चुका है।

 

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