बीबीसी डाक्यूमेंट्री बैन, सरकार कर रही आलोचना रोकने की कोशिश- मीनाक्षी गांगुली

विदेश- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी बीबीसी की डाक्यूमेंट्री भारत मे विवाद का विषय बनी हुई है। यू ट्यूब और ट्वीटर पर इसे बैन कर दिया गया है। वहीं कई डार्क साइट पर यह डाक्यूमेंट्री अभी भी मौजूद है और कई जगहों पर इसकी स्क्रीनिंग हो रही है।
अब इसी बीच न्यूयॉर्क स्थित मानवाधिकार संस्था ‘ह्यूमन राइट्स वॉच ने 2002 के दंगों पर बनी बीबीसी की डाक्यूमेंट्री को रोकने की आलोचना की है और कहा है कि आलोचना पर लगाम लगाने के लिए सरकार की एक ओर कोशिश।
ह्यूमन राइट्स वॉच की दक्षिण एशिया निदेशक मीनाक्षी गांगुली कहती हैं। बीते दिन बीबीसी ने अपनी डॉक्यूमेंट्री का पहला पार्ट ‘द मोदी क्वोश्चन’ रिलीज़ किया। 
यह डाक्यूमेंट्री गुजरात दंगों पर बनी है। यह डॉक्यूमेंट्री ब्रिटेन के विदेश विभाग की एक पूर्व अप्रकाशित रिपोर्ट के निष्कर्षों को बताती है। इसमें गुजरात दंगों की जांच की गई। इस समय गुजरात मे मोदी सीएम थे।
उन्होंने कहा, डाक्यूमेंट्री रिलीज हुई। भारत मे आईटी नियमों के तहत इसे सोशल मीडिया पर बैन कर दिया गया।
ब्रिटेन की इस रिपोर्ट में पाया गया कि जिस माहौल में यह हिंसा हुई, उस ‘बेख़ौफ़ माहौल’ के लिए मोदी ‘सीधे तौर पर ज़िम्मेदार’ था।
 लेकिन साल 2014 में पीएम मोदी प्रधानमंत्री बने और देश के अधिकारियों ने इनकी छवि बनाने के लिए कोशिश की। उन्होंने मोदी सरकार पर मुसलमानों के ख़िलाफ़ भेदभावपूर्ण क़ानून और नीतियां लागू करने का आरोप लगाया है. साथ ही स्वतंत्र संस्थानों पर लगाम लगाने का आरोप भी मढ़ा है

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