लखनऊ, पीजीआइ क्षेत्र में इंजीनियर रजत बाजपेयी की मौत के मामले में पुलिस की जांच में एक नया मोड़ आया है। 17 नवंबर को जब पार्टी करने के लिए अर्पित रजत को उसके घर से शाम करीब 4:30 बजे लेकर निकला तो करीब 5:30 बजे उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद रात करीब 10:30 बजे तक अर्पित का मोबाइल स्विच ऑफ रहा रहा। जबतक वह रजत के साथ था तबतक बराबर मोबाइल स्विच ऑफ रहा।
करीब पौने तीन घंटे बिजी रहा रजत का मोबाइल
पुलिस की पड़ताल में पता चला कि शाम करीब सात बजे से रात 9:44 बजे तक 17 नवंबर को मोबाइल बिजी था। इस दौरान रजत अपनी बैचमेट एक लड़की से बात कर रहा था। इस बीच करीब तीन बार रजत का फोन कटा था। रजत की मां अलका का आरोप है कि इस दौरान उन्होंने रजत के नंबर पर कई बार फोन किया वेटिंग पर फोन डाल कर अर्पित ने फोन रिसीव किया पर उसने रजत से बात नहीं कराई। इंस्पेक्टर ने ताया कि कॉल डिटेल्स के आधार पर दोनों के बीच किसी विवाद आदि की पुष्टि नहीं हो सकी है।
जल्द ही फोरेंसिक टीम करेगी घटना की क्राइम सीन रीक्रिएशन
फोरेंसिक टीम जल्द ही घटना का क्राइम सीन रीक्रिएशन करेगी। क्राइम सीन रीक्रिशएन के वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मौत की गुत्थी सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। इंस्पेक्टर पीजीआइ केके मिश्रा ने बताया कि अभी तक काल डिटेल्स के आधार पर ऐसा साक्ष्य नहीं मिला है जिससे हत्या की रजत की हत्या की पुष्टि हो सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रजत के सिर पर चोट मिली थी। इसके साथ ही उसकी मौत की पुष्टि डूबना आया था।
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