नीरज पांडे की ‘सिकंदर का मुकद्दर’: एक ऐसा रहस्य जो आपको हैरान कर देगा!
क्या आप ऐसी फिल्मों के दीवाने हैं जिनमें रहस्य का ऐसा जाल बुना जाए कि आप अपनी सांसें थामकर बैठ जाएं? अगर हाँ, तो नीरज पांडे की नई फिल्म ‘सिकंदर का मुकद्दर’ आपके लिए ही है! यह फिल्म आपको एक ऐसे चक्करदार खेल में उलझा देगी, जिसमें हर मोड़ पर आपको नए-नए सस्पेंस का सामना करना पड़ेगा। इसमें आपको एक ऐसा मामला दिखाया गया है जहाँ सबूतों का कोई पता नहीं, लेकिन शक के घेरे में हर शख्स है. कहानी ऐसी उलझी हुई है कि आपको अंतिम पल तक अंदाजा नहीं होगा कि आखिरकार असली चोर कौन है?
एक शानदार हीरा चोरी का केस
फिल्म की कहानी मुंबई के एक बड़े ज्वैलरी इवेंट के इर्द-गिर्द घूमती है जहाँ से 50-60 करोड़ के हीरे गायब हो जाते हैं। पुलिस सबूतों की तलाश में जुट जाती है, लेकिन सबूत किसी को ही हाथ नहीं लगते। जसविंदर सिंह (जिम्मी शेरगिल), एक अनुभवी पुलिस ऑफिसर, जो हर केस को 100% सफलता से सुलझाने के लिए जाना जाता है, इस केस की जाँच में जुट जाता है। लेकिन जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ती है, वह एक अजीबोगरीब रहस्य के सामने आता जाता है
सिकंदर: शक के घेरे में
जसविंदर की नजर एक आईटी प्रोफेशनल सिकंदर शर्मा पर पड़ती है। सिकंदर का व्यवहार थोड़ा संदिग्ध लगता है, और जसविंदर को लगता है कि सिकंदर ही चोर हो सकता है। यहीं से शुरु होती है इस रोमांचक थ्रिलर का पहला मोड़. सिकंदर को पुलिस की गिरफ़्त में लिया जाता है, उसकी लाइफ तहस-नहस हो जाती है. क्या वाकई सिकंदर चोर है?
15 साल का इंतजार और एक नया रहस्य
15 साल बाद, सिकंदर अपनी ज़िंदगी संवार चुका होता है, लेकिन जसविंदर का उस पर से शक अभी भी नहीं गया है। फिर दोनों के बीच होती है एक चौंका देने वाली मुलाकात जिसमे 15 साल के सच का खुलासा किया जाता है। लेकिन इस खुलासे में हैं कई ऐसे मोड़ जो आपको हैरान कर देंगे।
क्या है ‘सिकंदर का मुकद्दर’ की खासियत?
‘सिकंदर का मुकद्दर’ में आपको नीरज पांडे की वो जानकार विशेषता देखने को मिलेगी जिसके लिए वे मशहूर हैं – सस्पेंस और रहस्य का ऐसा मिश्रण कि आप आखिर तक अपने सीट से बंधे रहेंगे। इसमें धोखा, षड्यंत्र और अप्रत्याशित मोड़ भरपूर हैं. लेकिन फिल्म कुछ जगहों पर थोड़ी धीमी भी पड़ जाती है।
Take Away Points:
- ‘सिकंदर का मुकद्दर’ एक बेहतरीन क्राइम थ्रिलर है जो आपको अपने रहस्य से बांधे रखेगी।
- फिल्म का क्लाइमेक्स काफी रोमांचक है।
- जिम्मी शेरगिल और अविनाश तिवारी ने अपने किरदारों में जान डाल दी है।
- फिल्म कुछ जगह थोड़ी धीमी हो सकती है।

Leave a Reply