वही बुुखार के चपेट मे आने से 18 बर्षीय नितेश यादव दो सप्ताह से पीडित है जिसका उपचार दो दिन से निजी अस्पताल गोरखपुर व अन्य पीडितो का उपचार निजी अस्पतालो मे चल रहा है । पीडितो के दरवाजे पर लगे देशी पंप हैं जो दूषित जल दे रहे हैं। जबकी कुछ माह पूर्व गांव के दिनेश के पांच बर्षीय सूरज व सुजीत की चार बर्षीय पुत्री गुंजा भी इंसेफेलाईटिस के चपेट मे आने से काल के गाल मे समा गई। भोला की मौत की सूचना पाकर जिला मुख्यालय से सीएमओ डा० हरिचरण सिंह के अगुवाई मे स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंच पीड़ितों का हाल जानते हुए उनको दवा दिया तथा साफ सफाई से रहने व गरम पानी पीने की बात विशुनपुरा सीएचसी प्रभारी डा० उमेश चंद , एचएस ध्रुप शर्मा,बीएच डब्ल्यू आश्वनी पाल, प्रभु दयाल कुशवाहा, आशा शकुंतला देवी,संघनी संजू देवी ने बताया तथा ब्लिचिंग पाउडर नालियों में डाला गया।
एडियो पंचायत दवेंद्र मिश्र के अगुवाई मे सफाई कर्मियों की टीम पहुच गांव का साफ सफाई किया गया । दूसरी ओर लगातार हो रही मौतों से नाराज ग्रामीणों ने आधा घंटा डूमरा से दुबौली मार्ग जाम कर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणो का आरोप है की स्वास्थ्य विभाग सिर्फ कोरमपुर्ति कर वापस लौट गई है। आज तक गांव मे एएनएम दिखाई नही दी हैं। शिकााा करने पर कोई कार्यवाहीी नही होती है। इस दौरान आशोक यादव,राजेश शर्मा, पूर्णवासी यादव,बलराम यादव, बृजेश यादव , दिनेश , बैधनाथ,कैलाश,बेलास,मोहन,राजन,बृजेश,प्रभावती,गायत्री,रिमा,अवधेश,मुन्नी,रामू ,परमेश्वर , सदीप , नवमी आदि शामिल रहे।
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