रूसी कपल की अवैध इमारत कुर्क: 29 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
क्या आप जानते हैं कि कैसे एक रूसी जोड़े ने धार्मिक ट्रस्ट की आड़ में अवैध रूप से 29 करोड़ रुपये की सात मंजिला इमारत बनाई और बेचने-किराए पर देने का काम किया? इस कहानी में कई चौंकाने वाले खुलासे हैं जो आपको हैरान कर देंगे! मथुरा में एक रूसी कपल ने अवैध तरीके से एक सात मंजिला इमारत बनाकर एक बड़ा खेल खेला, जिसका पर्दाफाश अब हुआ है. इस पूरी कहानी में धोखाधड़ी, कानूनी लड़ाई, और करोड़ों की संपत्ति शामिल है.
अवैध इमारत का निर्माण और धोखाधड़ी
यह रूसी कपल, नतालिया क्रिवोनोसोवा और यारोस्लाव रोमानोव, टूरिस्ट वीजा पर वृंदावन आए थे. धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के बहाने, उन्होंने एक ट्रस्ट बनाया और अवैध रियल एस्टेट लेनदेन शुरू कर दिया. उन्होंने रमणरेती इलाके में 1412.72 वर्ग मीटर में फैली 7 मंजिला इमारत बनाई, जिसकी कीमत लगभग 29.22 करोड़ रुपये आंकी गई है. इस इमारत को न केवल किराए पर दिया जा रहा था बल्कि बेचा भी जा रहा था, जो एक साफ धोखाधड़ी थी. स्थानीय लोगों की शिकायत पर प्रशासन ने मामले में ध्यान दिया, और तत्कालीन जिलाधिकारी ने इमारत को कुर्क करने का आदेश दिया.
स्थानीय लोगों की शिकायतें और प्रशासन का कदम
स्थानीय लोगों द्वारा लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन ने मामले में कार्रवाई करते हुए रूसी कपल के खिलाफ जांच शुरू की. जांच के दौरान खुलासा हुआ कि कपल ने अवैध तरीके से अर्जित धन से यह इमारत बनाई है. 30 जून 2023 को, तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट पुलकित खरे ने गैंगस्टर एक्ट के तहत इमारत को कुर्क करने का आदेश दिया, जिससे रूसी जोड़े को करारा झटका लगा. रूसी जोड़े द्वारा किए गए इस अवैध कारोबार में किस-किस का हाथ है यह जाँच का विषय है.
कोर्ट का फैसला और इमारत की कुर्की
डीएम के आदेश को रूसी कपल ने कोर्ट में चुनौती दी. हालांकि, अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश पल्लवी अग्रवाल ने डीएम के आदेश को बरकरार रखते हुए, ‘रूसी बिल्डिंग’ के नाम से मशहूर इस इमारत को जब्त करने का आदेश दिया. यह फैसला कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए एक कठोर चेतावनी है, भले ही वे विदेशी नागरिक क्यों न हों.
काफी मशक्कत के बाद मिली कामयाबी
प्रशासन और न्यायपालिका के द्वारा काफी प्रयासों और कार्यवाहियों के बाद यह इमारत जब्त हुई, जो अवैध गतिविधियों और भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक जीत साबित होती है. स्थानीय लोगों और अधिकारियों के प्रयासों के बल पर न्याय की जीत हुई है।
टूरिस्ट वीज़ा पर धार्मिक गतिविधियां और अवैध निर्माण
इस मामले से पता चलता है कि कैसे विदेशी नागरिक टूरिस्ट वीजा पर देश में आकर धार्मिक गतिविधियों का ढोंग रचते हुए गैर-कानूनी काम कर सकते हैं। यह भारत में भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध एक चिंताजनक संकेत है. प्रशासन को ऐसी गतिविधियों पर सतर्क रहने और तत्काल कार्रवाई करने की ज़रूरत है, जिससे भविष्य में ऐसे अपराधों पर लगाम लगाई जा सके। इस प्रकार के मामलों को रोकने के लिए कड़े नियमों की जरूरत है।
बढ़ता हुआ भ्रष्टाचार और कठोर कार्रवाई की आवश्यकता
यह घटना बढ़ते हुए भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण के प्रति सरकार और प्रशासन की सख्त नीति अपनाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है. ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई का होना बेहद आवश्यक है. अवैध संपत्ति जब्त करके सरकार साफ संदेश देती है कि ऐसे अपराधों के लिए कोई जगह नहीं है.
भारत में विदेशियों के अवैध निर्माण की चुनौतियां
भारत में, विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना भी ज़रूरी है कि विदेशी नागरिक नियमों का उल्लंघन नहीं करते. इस घटना से पता चलता है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई जरूरी है। भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए एक सुदृढ़ तंत्र की आवश्यकता है।
बेहतर पर्यटन प्रबंधन और नियमन की आवश्यकता
इस घटना के कारण अब देश को बेहतर पर्यटन प्रबंधन और नियमन की ज़रूरत और अधिक समझ में आती है. अधिकारियों को अधिक सतर्क रहने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए.
Take Away Points:
- एक रूसी कपल ने मथुरा में अवैध रूप से 29 करोड़ रुपये की इमारत बनाई.
- इमारत को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क कर दिया गया.
- कोर्ट ने डीएम के आदेश को बरकरार रखा.
- यह घटना बढ़ते हुए भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण पर चिंता जताती है.
- सरकार को इस तरह के अपराधों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

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