देश- अमेरिका की फर्म कम्पनी हिंडनबर्ग ने गौतम अडानी की संपत्ति को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं और यह आरोप लगाया है कि वह भारत को लूट रहे हैं। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आते ही अडानी ग्रुप की शाख हिल गई और अडानी अमीरो की टॉप 10 लिस्ट से बाहर हो गए। वहीं अब हर तरफ यह विषय चर्चा में है कि आखिर हिंडनबर्ग फर्म कम्पनी क्या है जिसने एक झटके में अडानी ग्रुप को धराशायी कर दिया और अमीरों की लिस्ट में वह 21 वें नम्बर पर पहुँच गए।
हिंडनबर्ग कम्पनी के मालिक नाथन एंडरसन हैं। उन्होंने अमेरिका की कनेक्टिकट यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल बिजनेस में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्हें नौकरी की तलाश थी। उन्हें एक डेटा कम्पनी में नौकरी मिलती है। इस नौकरी को करते हुए उन्होंने शेयर मार्केट के दांव पेज को समझा। उन्हें यह समझ आ गया था कि यह अमीरों का अड्डा है। जिसे आम लोग बिल्कुल नहीं जानते।
यहां से उनके दिमाग मे अपना व्यापार करने का आइडिया उपज। उन्होंने फाइनेंशियल रिसर्च की एक कम्पनी डाल दी। जिसका नाम हिंडनबर्ग रखा और साल 2017 में इसकी शुरुआत हुई। इस कंपनी का मुख्य काम शेयर मार्केट, इक्विटी, क्रेडिट, और डेरिवेटिव्स पर रिसर्च करना है। यह कम्पनी यह पता करती है कि शेयर मार्केट में कोई हेरा फेरी तो नहीं हो रही है या कोई गलत तरीके से धन तो नहीं कमा रहा है।
हिंडनबर्ग जब किसी बड़ी कम्पनी के शेयर को लेकर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करती है। तो शेयर मार्केट प्रभावित होती है। कई बार इस कम्पनी की रिपोर्ट से कम्पनियों को काफी नुकसान हुआ है। वहीं अब इस कम्पनी ने अडानी ग्रुप के परिपेक्ष्य में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है। जिसके सामने आते ही अडानी का पूरा साम्राज्य हिल गया और अमीरों की लिस्ट में अडानी 21 वें नम्बर पर पहुँच गए।
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