असम के शख्स को फांसी की सजा मासूम से दुष्कर्म, हत्या मामले में

[object Promise]

गुवाहाटी। दो साल पहले पांच साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को उत्तरी असम की एक जिला अदालत ने को फांसी की सजा सुनाई। आरोपी मंगल पाइक को विश्वनाथ जिला अतिरिक्त सत्र न्यायालय के न्यायाधीश दीपांकर बोरा ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (ए) के तहत पाइक को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई। यह मामला धारा 302 (हत्या) के साथ यौन अपराधों से संबंधित है।

अदालत ने उसे प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंशन (पॉक्सो) एक्ट की धारा 6 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई और 7,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

आईपीसी की धारा 363 (अपहरण) के तहत अदालत ने आरोपी को 3,000 रुपये का जुर्माना लगाने के अलावा सात साल की जेल की सजा भी सुनाई।

इस शख्स ने छोटी बच्ची को चॉकलेट देकर बहला-फुसलाकर एक चाय बागान (सूतेना थाना क्षेत्र के अंतर्गत) एक सुनसान जगह पर ले गया था, जहां नवंबर 2018 में गला घोंटकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

पुलिस के अनुसार निकटवर्ती सोनितपुर जिले के लोहरा बुरहागांव क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाला दोषी पीड़िता का रिश्तेदार था और कुछ कामों के लिए कभी-कभार ही उसके घर आता था।

लोक अभियोजक जाह्न्वी कलिता ने मीडिया को बताया कि ट्रायल के दौरान डॉक्टर, पुलिसकर्मी और ग्रामीणों सहित सभी 16 गवाहों से पूछताछ की गई।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *