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उपेंद्र कुशवाहा
पडरौना,कुशीनगर : जनपद में सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार बीते वर्ष 2018 में 28 खनिज ब्लॉक चिन्हित किए गए थे,जिनका जिला विशेषक निर्धारण समिति एवं पर्यावरण संघात समिति द्वारा संतुष्टि के पश्चात नीलामी पट्टा किया जाना था,लेकिन 2 वर्षों से कुशीनगर जनपद में एक भी खनिज ब्लॉक का नीलामी पट्टा न होना आश्चर्यजनक है । उक्त बातें मंगलवार को कुशीनगर सिविल सोसाइटी की ओर से आयोजित रही नगर के गरुण नगर कार्यालय में बैठक को संबोधित करते हुए कुशीनगर सिविल सोसायटी से अध्यक्ष गिरीश चतुर्वेदी ने कही ।
श्री चतुर्वेदी ने आगे कहा कि वर्तमान की स्थिति को देखते हुए कुशीनगर जनपद में एक भी खनिज ब्लॉक संचालित ना होने के वजह से सफेद बालु के लिए जनपद वासी पडोसी बिहार राज्य के ऊपर पूरी तरह से निर्भर हो गए हैं,जिसके कारण ऊंचे दामों पर आम जनमानस को सफेद बालू के लिए सामना करना पड़ रहा है,तथा सफेद बालु की तस्करी अवैध खनन जनपद में जोरों पर हो रहा है,ऐसे में श्री चतुर्वेदी ने आगे कहा कि इसी वजह से शासकीय निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रही है जिला प्रशासन द्वारा इस मामले में कोई भी तथ्य प्रकट अथवा निति सार्वजनिक न करने की वजह से खनिज ब्लाकों को संचालन को लेकर आज खनिज स्थिति जस की तस बनी हुई है । श्री चतुर्वेदी ने आगामी वित्तीय वर्ष में सुचारू रूप से आमजन को राहत के लिए कुशीनगर में समस्त चयनित खनिज ब्लाकों का 2020,21वर्ष मई नीलामी पट्टी ई ट्रेनिंग के माध्यम से कराने की मांग की है । बैठक में महासचिव प्रमोद कुमार श्रीवास्तव,राम प्रताप सिंह, बिश्वनाथ मोदनवाल,बंका शर्मा, अजय कुमार मल्ल,सत्य प्रकाश त्रिपाठी,रतनेश कुमार त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे ।
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