विवादों में घिरी तमिलनाडु प्रीमियर लीग, जांच में सामने आई चौंकाने वाली जानकारी

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आईपीएल की तर्ज पर तमिलनाडु में राज्य स्तर पर शुरू की गई टी20 क्रिकेट लीग अचानक विवादों में घिर गई है। तमिलनाडु प्रीमियर लीग (TNPL) की एक टीम के मालिक और पूर्व क्रिकेटर वीबी चंद्रशेखर के सूइसाइड के बाद हो रही पुलिस की जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि सट्टेबाजों ने TNPL की एक टीम को ही अपने नियंत्रण में ले लिया था। पिछले महीने फाइनल के दिन ही चंद्रशेखर ने आत्महत्या कर ली थी।

सोमवार को जब पुलिस ने इस केस में सट्टेबाजी का शक जताया तो भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर सट्टेबाजी का जिन बाहर आ गया। चंद्रशेखर के केस की जांच कर रही पुलिस ने जो शुरुआती रिपोर्ट पेश की है, उसके मुताबिक कई बुकीज ने इस लीग की एक टीम पर अपना नियंत्रण बना रखा था।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि वीबी के करीबी मित्रों और क्रिकेटर्स से बातचीत के आधार पुलिस ने जो सूचनाएं एकत्रित की हैं, उससे साफ है कि इस लीग में बैटिंग रैकिट (फिक्सिंग गुट) सक्रिय है। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘वैसे तो ये सभी इस केस से सीधे नहीं जुड़े हैं, लेकिन हमने कुछ अहम तथ्यों को रिकॉर्ड किया है और मुंबई व दिल्ली में अपने साथियों (पुलिस) के साथ साझा किए हैं।’

तमिलनाडु पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि तमिलनाडु क्रिकेट असोसिएशन (TNCA) के अधिकारियों को इस सट्टेबाजी घोटाले से संबंधित कई गुमनाम पत्र मिले थे। इसके बाद बीसीसीआई की ऐंटी करप्शन यूनिट ने इस मुद्दे पर शुरुआती जांच बिठाई थी। एक अधिकारी ने बताया, ‘यहां कुछ करीबी वॉट्सऐप ग्रुप में कुछ लोगों के नाम बार-बार शेयर हो रहे थे, जिसके बाद हमने इस प्रकरण पर ध्यान देना शुरू किया।’

ऐंटी करप्शन यूनिट के एक अधिकारी अजीत सिंह ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘हमने इस लीग के कुछ खिलाड़ियों से पूछताछ भी की है, हालांकि अभी तक किसी भी टीम मालिक से पूछताछ नहीं की गई है। जिन खिलाड़ियों से यह पूछताछ की गई है उन्होंने हमें इस सिलसिले में शिकायत दी थी। जो सूचनाएं उन्होंने हमें दी है उनके आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर वह कौन लोग हैं, जो खिलाड़ियों से इस संबंध में संपर्क साध रहे थे।’
अजीत सिंह ने आगे कहा, ‘इसका कतई यह अर्थ नहीं है कि जिन खिलाड़ियों ने हमें इसकी जानकारी दी है, हम उनके खिलाफ ही जांच कर रहे हैं।’ टीएनपीएल गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन पीएस रमन ने बताया कि यह लीग खेली जा रही थी, उस दौरान उनके पास इस तरह के व्यवहार को लेकर शिकायतें आई थीं। शिकायत मिलते ही हमने तुरंत ही तीन सदस्यों वाली कमिटी गठित की। इस कमिटी के सदस्यों में एक पुलिस अधिकारी और सीनियर ऐडवोकेट भी हैं। हम उम्मीद कर रहे हैं कि अगले सप्ताह तक यह कमिटी हमें अपनी जांच सौंप देगी।

टीएनपीएल के एक अन्य सीनियर अधिकारी ने बताया कि जब 2016 में इस लीग की शुरुआत की गई थी, तब भी हमें फिक्सिंग को लेकर शिकायतें मिलीं थी। उस वक्त भी हमने इस तरह की घटनाओं से बचने के पर्याप्त इंतजाम किए थे।

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